पारडीह में अवैध जमीन कब्जे का खेल जारी होने का आरोप, जेसीबी से जमीन की खुदाई और समतलीकरण से मचा हड़कंप; जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल


जमशेदपुर: शहर के पारडीह इलाके में कथित तौर पर जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर जमीन की खुदाई, मिट्टी हटाने और जमीन को समतल करने का काम कराया जा रहा है। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरीके से जमीन पर काम चल रहा है, उससे प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जमीन पर कब्जे की तैयारी की जा रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, पारडीह क्षेत्र में जमीन की कीमत लगातार बढ़ने के कारण जमीन से जुड़े विवाद और कब्जे के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।

 इसी बीच जेसीबी मशीन के जरिए जमीन की खुदाई और समतलीकरण किए जाने से लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किसके आदेश और किस दस्तावेज के आधार पर यहां काम कराया जा रहा है।जेसीबी से कराया जा रहा जमीन का कामबताया जा रहा है कि जमीन के एक हिस्से में जेसीबी मशीन के माध्यम से मिट्टी की खुदाई की गई और जमीन को समतल करने का प्रयास किया गया। 

स्थानीय लोगों ने इस गतिविधि को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित विभाग से जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जमीन निजी है और कार्य वैध दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को जमीन के कागजात और अनुमति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, यदि जमीन सरकारी, सार्वजनिक या विवादित है तो बिना अनुमति इस तरह का काम कराया जाना गंभीर मामला हो सकता है।

प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवालमामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित अंचल अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि इलाके में जमीन से संबंधित गतिविधियां खुले तौर पर चल रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से समय रहते जांच या रोकथाम की कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

लोगों की मांग है कि प्रशासन मौके पर टीम भेजकर जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच करे। जमीन का खाता, प्लॉट नंबर, रकबा, स्वामित्व और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के साथ यह भी पता लगाया जाए कि जेसीबी से खुदाई और समतलीकरण के लिए किसी विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं।जमीन के दस्तावेजों की जांच की मांगस्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 

यदि जमीन पर कब्जे या किसी तरह की अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि जमीन निजी स्वामित्व की है और सभी दस्तावेज वैध हैं, तो प्रशासन की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में फैल रही चर्चाओं पर विराम लग सके।

लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासन की शुरुआती जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। समय रहते रिकॉर्ड की जांच और स्थल निरीक्षण होने से विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है।स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंतापारडीह क्षेत्र में जमीन की खुदाई और जेसीबी चलने की सूचना के बाद आसपास के लोगों में चिंता देखी जा रही है। 

लोगों का कहना है कि अगर बिना अनुमति जमीन की प्रकृति में बदलाव किया जा रहा है या सरकारी/सार्वजनिक भूमि पर कब्जे का प्रयास हो रहा है तो यह भविष्य में बड़े विवाद का कारण बन सकता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए और जांच पूरी होने तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजारफिलहाल जमीन के कथित अवैध कब्जे, जमीन के स्वामित्व और जेसीबी से कराए जा रहे कार्य की वैधता को लेकर प्रशासन की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और संबंधित जमीन के राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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