मासिक अपराध समीक्षा बैठक: SSP ने थाना प्रभारियों को दिए सख्त निर्देश, 7 दिन में पासपोर्ट सत्यापन और अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के आदेश


जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण की उपस्थिति में सभी पुलिस उपाधीक्षकों, अंचल निरीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने, अपराध नियंत्रण तथा पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।SSP ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी अपने सरकारी मोबाइल फोन हर समय चालू रखें, ताकि आम जनता किसी भी समय सूचना या शिकायत दर्ज करा सके।

 साथ ही सरकारी मोबाइल नंबरों का थाना क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया।बैठक में कहा गया कि पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन का कार्य सात दिनों के भीतर पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा।SSP ने सक्रिय अपराधियों के खिलाफ CCA, Surveillance Proceeding, Dossier और थाना हाजिरी की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। दागी और गुंडा पंजी में दर्ज अपराधियों की नियमित थाना हाजिरी सुनिश्चित कर उन्हें भविष्य में अपराध नहीं करने की चेतावनी देने को कहा गया।महिलाओं के खिलाफ अपराध, दुष्कर्म और POCSO अधिनियम से जुड़े मामलों में 60 दिनों के भीतर अनुसंधान पूरा कर आरोप-पत्र दाखिल करने और IIF Form की प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में साफ कहा गया कि किसी थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, लॉटरी, ड्रग्स या अवैध बालू कारोबार पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाने, पीसीआर, टैंगो और बाइक पेट्रोलिंग को लगातार सक्रिय रखने तथा बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शोरूम और पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया।महिला थाना प्रभारियों को पिंक पेट्रोलिंग के साथ नियमित गश्ती करने, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने तथा स्कूल, कॉलेज और पार्कों के बाहर छेड़खानी एवं चेन स्नैचिंग रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।यातायात थाना प्रभारियों को ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने, बल्कि जागरूकता अभियान चलाने तथा ब्लैक फिल्म, मॉडिफाइड साइलेंसर और ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष अभियान चलाने को कहा गया।

साइबर पुलिस को प्रत्येक सप्ताह स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर अपराध एवं उससे बचाव के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया।इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत प्रत्येक सप्ताह गांव, स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

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