जमशेदपुर। हमारी रोजमर्रा की थाली में चावल, रोटी और सब्जियां तो भरपूर होती हैं, लेकिन क्या उसमें शरीर की जरूरत के मुताबिक प्रोटीन भी शामिल है? प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली, हार्मोन और शरीर की कोशिकाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (1 से 7 सितंबर) के अवसर पर यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि क्या भारतीय भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल किया जा रहा है।ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल, जमशेदपुर की सीनियर डाइटिशियन प्रिया द्विवेदी के अनुसार, भारतीय भोजन में अक्सर कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक और प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है।
चावल, रोटी और सब्जियों पर आधारित भोजन में यदि दाल, फलियां, दूध-दही, पनीर, अंडे या अन्य प्रोटीन स्रोत पर्याप्त मात्रा में शामिल नहीं किए जाएं, तो शरीर की प्रोटीन जरूरत पूरी नहीं हो पाती।उन्होंने बताया कि मांसाहारी भोजन करने वाले लोगों में भी प्रोटीन की कमी हो सकती है। भोजन की मात्रा कम होना, भोजन छोड़ देना या दिनभर में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का पर्याप्त सेवन नहीं करना इसकी वजह हो सकता है।
शरीर देता है प्रोटीन की कमी के संकेतप्रोटीन की पर्याप्त मात्रा नहीं मिलने पर शरीर कई तरह के संकेत दे सकता है। लगातार थकान, कमजोरी, बालों का झड़ना, नाखूनों का कमजोर या भंगुर होना और घाव भरने में देरी इसके संभावित संकेतों में शामिल हैं।बार-बार संक्रमण होना भी शरीर की पोषण स्थिति से जुड़ा हो सकता है। वहीं सीढ़ियां चढ़ने, लंबे समय तक चलने या भारी सामान उठाने में पहले की तुलना में अधिक कमजोरी महसूस होना मांसपेशियों की कमजोरी का संकेत हो सकता है।
कुछ लोगों में पर्याप्त भोजन करने के बावजूद जल्दी भूख लगना या भोजन के बाद संतुष्टि महसूस नहीं होना भी पर्याप्त प्रोटीन न लेने से जुड़ा हो सकता है।इन लोगों को प्रोटीन पर विशेष ध्यान देने की जरूरतबच्चों और किशोरों के विकास के दौरान प्रोटीन की जरूरत महत्वपूर्ण होती है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी अपनी पोषण संबंधी जरूरतों के अनुसार पर्याप्त प्रोटीन लेना चाहिए।बुजुर्गों के लिए भी प्रोटीन महत्वपूर्ण है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का क्षय होने लगता है। इसके अलावा खिलाड़ी, नियमित व्यायाम करने वाले लोग और बीमारी या सर्जरी से उबर रहे लोगों को भी अपनी व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार प्रोटीन सेवन पर ध्यान देना चाहिए।
कितना प्रोटीन जरूरी?आम तौर पर स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन करीब 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर के वजन का एक सामान्य मार्गदर्शक माना जाता है। हालांकि उम्र, शारीरिक गतिविधि, मांसपेशियों के लक्ष्य और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के अनुसार जरूरत अलग हो सकती है।उदाहरण के तौर पर 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति के लिए सामान्य तौर पर लगभग 48 से 60 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन का स्तर एक शुरुआती मार्गदर्शक हो सकता है।
व्यक्तिगत जरूरत के लिए डाइटिशियन या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।प्रोटीन को केवल एक ही भोजन में लेने के बजाय दिनभर के अलग-अलग भोजन में शामिल करना आसान और व्यावहारिक तरीका है।महंगे सप्लीमेंट की नहीं, सही भोजन की जरूरतप्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए हर व्यक्ति को महंगे सप्लीमेंट लेने की आवश्यकता नहीं होती। रोजमर्रा के भोजन में कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो प्रोटीन के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।दाल, चना, राजमा, अन्य फलियां, दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली, चिकन, टोफू, सोया उत्पाद, मेवे और बीज को भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
नाश्ते में अंडा और दूध, भोजन में दाल या चना-राजमा, सलाद में अंकुरित दालें या स्नैक के तौर पर थोड़े मेवे शामिल करना प्रोटीन सेवन बढ़ाने के सरल तरीके हो सकते हैं।प्रोटीन सिर्फ खिलाड़ियों के लिए नहींप्रोटीन को अक्सर जिम जाने वाले लोगों या बॉडीबिल्डरों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन वास्तव में यह हर व्यक्ति के लिए जरूरी पोषक तत्व है। शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत, मांसपेशियों की मजबूती और सामान्य शारीरिक कार्यों के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी है।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के दौरान अपनी थाली पर एक बार जरूर नजर डालें और देखें कि उसमें सिर्फ पेट भरने वाला भोजन है या शरीर की जरूरत पूरी करने वाला संतुलित आहार भी। सही मात्रा में प्रोटीन को रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा बनाना स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
Tags
JAMSHEDPUR
Comments