जमशेदपुर: किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में 2.31 करोड़ रुपये की लागत से 10 बेड का आधुनिक डायलिसिस सेंटर बनाया जा रहा है। अगले दो महीने में इसके शुरू होने की उम्मीद है। इससे जमशेदपुर समेत आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलने के साथ डायलिसिस के लिए होने वाली परेशानी भी कम हो सकती है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया सेंटर
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, डायलिसिस सेंटर के निर्माण और स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए टेंडर फाइनल कर एजेंसी को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। सेंटर में करीब 55 लाख रुपये की लागत से आरओ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। इसके अलावा 10 डायलिसिस बेड, डायलिसिस चेयर, मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर, सक्शन मशीन और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
आयुष्मान कार्ड नहीं होने पर भी मरीजों को मिल सकती है राहत
फिलहाल एमजीएम अस्पताल परिसर में पीपीपी मोड पर नौ बेड का डायलिसिस सेंटर संचालित है, जहां प्रतिदिन करीब 15 से 18 मरीजों का डायलिसिस किया जाता है। वर्तमान व्यवस्था में सामान्य मरीजों से एक बार के डायलिसिस के लिए 1,050 रुपये लिए जाते हैं, जबकि आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है।
नया सेंटर शुरू होने से उन मरीजों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें नियमित डायलिसिस के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ते हैं। सप्ताह में कई बार डायलिसिस कराने वाले मरीजों और उनके परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ काफी बढ़ जाता है।
किडनी मरीजों के लिए क्यों है यह बड़ी खबर?
डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को नियमित अंतराल पर इलाज कराना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल में अतिरिक्त सुविधा शुरू होने से मरीजों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नए सेंटर में इलाज की दर, पात्रता और संचालन संबंधी नियमों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मरीजों को कितनी आर्थिक राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर, एमजीएम अस्पताल में नया डायलिसिस सेंटर शुरू होने की पहल किडनी रोगियों के लिए उम्मीद की नई किरण है। अब मरीजों और उनके परिजनों को इसके जल्द शुरू होने और सस्ती एवं सुलभ इलाज की सुविधा मिलने का इंतजार है।
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