जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (एनएच-33) के निर्माण और करीब सात किलोमीटर लंबे प्रस्तावित फ्लाईओवर के काम में हो रही देरी को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों पर लापरवाही बरतने और बार-बार आश्वासन देकर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। सरयू राय ने कहा कि सड़क की बदहाली, उड़ती धूल और निर्माण कार्य की धीमी गति से स्थानीय लोग परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
एनएच-33 का निरीक्षण करने के बाद सरयू राय ने कहा कि बरसात समाप्त हुए 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सड़क के गड्ढों तक को नहीं भरा गया है। वाहनों के गुजरते ही सड़क पर धूल का गुबार उठने लगता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। इसके बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई दे रही है।
एक अक्टूबर को धरने के बाद काम शुरू करने का मिला था आश्वासन
सरयू राय ने बताया कि एक अक्टूबर को बालीगुमा के वार्ड पार्षद राजेश सिंह ने एनएचएआई के खिलाफ समर्थकों के साथ धरना दिया था। धरने के कारण यातायात प्रभावित हो गया था। इसके बाद उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि दो दिनों के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसी भरोसे पर उन्होंने राजेश सिंह से धरना समाप्त करवाया था।
हालांकि, सरयू राय के मुताबिक, तीन अक्टूबर को महज दो से तीन घंटे तक निर्माण कार्य हुआ और उसके बाद काम फिर बंद हो गया। उन्होंने इसे अधिकारियों के आश्वासन की अनदेखी बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशैली से जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि सड़क की स्थिति में जल्द सुधार होगा, लेकिन उन्हें अब तक राहत नहीं मिली है।
धूल और जलनिकासी की समस्या पर भी उठाए सवाल
विधायक ने एनएच-33 की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सड़क से गुजरने वाले वाहनों के कारण धूल का गुबार उठता है। इससे लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सड़क किनारे पर्याप्त चौड़े नाले और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।
सरयू राय ने कहा कि दलमा पहाड़ से आने वाला पानी इसी सड़क क्षेत्र में पहुंचता है। ऐसे में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर भविष्य में परेशानी और बढ़ सकती है। उन्होंने निर्माण कार्य के साथ-साथ सड़क की बुनियादी सुविधाओं और जलनिकासी व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई।
मौजूदा गति से पांच साल तक लगने की जताई आशंका
एनएच-33 पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण की गति पर सवाल उठाते हुए सरयू राय ने कहा कि यदि काम इसी रफ्तार से चलता रहा तो सड़क निर्माण और फ्लाईओवर को चालू होने में पांच साल तक लग सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब ठेकेदार को निर्माण कार्य करने से किसी ने नहीं रोका और न ही किसी तरह की बाधा पहुंचाई गई, तो फिर काम में इतनी देरी क्यों हो रही है?
उन्होंने कहा कि मानगो और आसपास के क्षेत्रों के लोग लंबे समय से सड़क की समस्या झेल रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य में तेजी लाना और जनता को राहत देना प्राथमिकता होनी चाहिए।
नितिन गडकरी से करेंगे शिकायत
सरयू राय ने घोषणा की कि वह इस मामले को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्रीय मंत्री को टैग कर निर्माण कार्य की स्थिति से अवगत कराएंगे। जरूरत पड़ने पर अगले सात से दस दिनों के भीतर दिल्ली जाकर उनसे मुलाकात भी करेंगे।
विधायक केंद्रीय मंत्री से आग्रह करेंगे कि एनएच-33 के निर्माण में हो रही देरी की जांच कराई जाए, काम की धीमी गति के कारणों का पता लगाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
जनता का धैर्य जवाब देने लगा है: सरयू राय
सरयू राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एनएचएआई के अधिकारी इसी तरह आश्वासन देकर काम में देरी करते रहे, तो स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के नौजवान, वार्ड पार्षद और आम नागरिक सड़क की बदहाली से परेशान हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है। यदि लोग अपना आपा खो बैठते हैं और विरोध तेज होता है, तो इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सरयू राय ने मांग की कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, सड़क के गड्ढों को तत्काल भरा जाए और फ्लाईओवर परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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