धरना-प्रदर्शन की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए प्रेस परिषद ने जारी किए दिशा-निर्देश, सुरक्षा और निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर जोर

नई दिल्ली। विरोध-प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन की कवरेज करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा तथा जिम्मेदार पत्रकारिता को लेकर भारतीय प्रेस परिषद (PCI) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 15 अक्टूबर 2026 को जारी इन दिशा-निर्देशों में पत्रकारों को अपनी पहचान स्पष्ट रखने, निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने और प्रदर्शन के दौरान अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।

प्रेस परिषद का उद्देश्य पत्रकारों को संवेदनशील परिस्थितियों में सुरक्षित रखते हुए उन्हें स्वतंत्र और जिम्मेदारी के साथ समाचार संकलन करने में सक्षम बनाना है।

प्रेस कार्ड रखना और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना जरूरी

दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर जाने वाले पत्रकारों को अपने मीडिया संस्थान या संबंधित प्राधिकरण द्वारा जारी वैध पहचान पत्र साथ रखना चाहिए और उसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना चाहिए। पत्रकारों को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली झड़पों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

निष्पक्ष और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर

प्रेस परिषद ने पत्रकारों को पेशेवर तटस्थता बनाए रखने तथा प्रदर्शनकारियों, विरोधी पक्षों और पुलिस के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करने की सलाह दी है। खबर प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना और आरोपों, विचारों तथा अपुष्ट दावों को सत्यापित तथ्यों से अलग रखना भी जरूरी बताया गया है।

अपनी सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान

प्रदर्शन के दौरान भीड़ के बदलते व्यवहार पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकलने के रास्तों की जानकारी पहले से रखने की सलाह दी गई है। पत्रकारों को प्राथमिक उपचार सामग्री, पीने का पानी, टॉर्च और परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा उपकरण साथ रखने पर भी जोर दिया गया है।

पुलिस और मीडिया संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय

दिशा-निर्देशों में मीडिया संस्थानों को अपने रिपोर्टरों के संपर्क में रहने तथा आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। नियोजित प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और मीडिया के लिए सुरक्षित कार्यस्थल तय करने पर भी जोर दिया गया है।

साथ ही, पत्रकारों को पुलिस की वैध कानूनी हिदायतों का पालन करने और तनावपूर्ण परिस्थितियों में बहस से बचने की सलाह दी गई है। पुलिस की तैनाती, सामरिक गतिविधियों या सुरक्षित निकासी मार्गों जैसी संवेदनशील जानकारियों का वास्तविक समय में प्रसारण करने से भी बचने को कहा गया है।

भारतीय प्रेस परिषद के ये दिशा-निर्देश पत्रकारों की सुरक्षा, निष्पक्षता, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और पेशेवर जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

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