जमशेदपुर में पहली बार हुआ निमाई पाठशाला का विशेष सत्र, 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा; गुरु माँ के साथ बच्चों ने प्रस्तुत की चैतन्य महाप्रभु की संकीर्तन लीला


जमशेदपुर, 20 सितंबर 2026। राजेंद्र विद्यालय ऑडिटोरियम, साकची में रविवार को निमाई पाठशाला झारखंड की ओर से वृंदावनी संकीर्तन मंडली के सहयोग से विशेष निमाई पाठशाला सत्र का आयोजन किया गया।

 कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। बोधि मैदान से राजेंद्र विद्यालय ऑडिटोरियम तक विद्यार्थियों की लंबी कतारें नजर आईं। 

आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक वातावरण के बीच बच्चों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।विशेष सत्र के दौरान हरिनाम संकीर्तन, प्रेरणात्मक संवाद, शास्त्र चर्चा और प्रश्नोत्तर का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रीमती रेणुका पुंडरीक गोस्वामी (गुरु माँ) ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके प्रश्नों के उत्तर दिए और उन्हें आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जुड़े विषयों की जानकारी दी।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा बच्चों की विशेष प्रस्तुति रही। बच्चे विभिन्न पशु-पक्षियों के रूप में सजकर गुरु माँ के साथ नृत्य करते नजर आए। इस प्रस्तुति के माध्यम से चैतन्य चरितामृत में वर्णित श्री चैतन्य महाप्रभु की झारखंड के जंगलों में संकीर्तन लीला की झलक प्रस्तुत की गई।

 बच्चों की प्रस्तुति ने उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया।कार्यक्रम का समापन उद्घोषपूर्ण हरिनाम संकीर्तन के साथ हुआ। इसके बाद निमाई पाठशाला झारखंड के राज्य संयोजक ने सभी सहयोगियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

आयोजन में विशेष योगदान देने वाले अंकित रिंगसिया एवं कुणाल कुमार को सम्मानित किया गया। दोनों ने गुरु माँ का अभिनंदन भी किया।निमाई पाठशाला झारखंड के अनुसार, कार्यक्रम में पाठशाला के तीन प्रमुख आधार—स्तोत्र, स्तोत्र और शास्त्र—को केंद्र में रखते हुए बच्चों के बीच भक्ति, आध्यात्मिक शिक्षा और संस्कार को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

 आयोजकों ने बताया कि जमशेदपुर में पहली बार आयोजित इस विशेष सत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी कार्यक्रम के प्रति लोगों की रुचि को दर्शाती है।

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