जमशेदपुर। चर्चित होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में सोमवार को पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की। मामले की जांच में कथित मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आए अशोक सिंह उर्फ राघव के सोनारी स्थित कार्यालय और ठिकाने पर सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।
टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की गहन जांच की।जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे सरायकेला, चौका, सोनारी और बिष्टुपुर थाना की पुलिस टीम राघव के सोनारी स्थित कार्यालय पहुंची।
पुलिस के अचानक पहुंचने के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई। टीम ने कार्यालय परिसर में मौजूद कागजात और अन्य सामग्री को खंगालना शुरू किया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत राघव की पत्नी रूबी सिंह को भी मौके पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में पुलिस अधिकारियों ने कार्यालय से संबंधित दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की। पुलिस ने किन दस्तावेजों या सामग्रियों को अपने कब्जे में लिया, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
हत्या की साजिश से जुड़े साक्ष्य तलाश रही पुलिसपुलिस की यह कार्रवाई निखार सबलोक हत्याकांड की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। जांच एजेंसियां हत्या की कथित साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ने के साथ-साथ आरोपियों के बीच संभावित संपर्क और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।
छापेमारी के दौरान दस्तावेजों की जांच को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पुलिस इनसे हत्याकांड से जुड़े संभावित लेन-देन, संपर्क अथवा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकती है। हालांकि, छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है।
24 अगस्त को हुई थी निखार सबलोक की हत्यागौरतलब है कि 24 अगस्त को चांडिल स्थित 10th माइलस्टोन होटल के पास होटल कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कई स्तरों पर छानबीन की।
जांच के दौरान उत्तर प्रदेश से कथित तौर पर बुलाए गए शूटरों और अशोक सिंह उर्फ राघव की भूमिका से जुड़े सुराग सामने आने की बात कही गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
फरार शूटर की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी पुलिस की सक्रियताहत्याकांड में शामिल बताए जा रहे एक फरार शूटर को हाल ही में धनबाद के निरसा में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद पुलिस की जांच और तेज होने की बात कही जा रही है।अब राघव के सोनारी स्थित ठिकाने पर हुई छापेमारी को इसी जांच की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे, आरोपियों के बीच संपर्क कैसे हुआ और हत्या की योजना को किस तरह अंजाम दिया गया।दस्तावेजों से मिल सकते हैं अहम सुरागछापेमारी के बाद पुलिस टीम द्वारा जांचे गए दस्तावेज और अन्य सामग्री जांच का अहम हिस्सा बन सकते हैं।
इनकी पड़ताल से हत्याकांड से जुड़े संभावित संपर्कों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री, दस्तावेजों या किसी नए साक्ष्य को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर किए जाने की बात कही जा रही है।
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