जमशेदपुर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ छिड़ेगी निर्णायक मुहिम, सरयू राय की पहल पर बनेगा 11 सदस्यीय गैर-राजनीतिक संगठन; पूर्व आईएएस मनोज सिंह संभालेंगे कमान

 

 विचार क्रांति सम्मेलन के संकल्प को जनअभियान में बदलने की तैयारी, ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ गोपनीय हेल्पलाइन होगी शुरू; स्कूल-कॉलेज से लेकर चौक-चौराहों तक चलेगा जागरूकता अभियान, प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की मांग करेगा प्रस्तावित संगठन

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में ड्रग्स और सट्टेबाजी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की परिकल्पना को मूर्त रूप देते हुए 2 अक्टूबर को आयोजित विचार क्रांति सम्मेलन के उद्देश्यों को अब जनअभियान में बदलने की दिशा में पहल की जा रही है। इस अभियान को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए 11 सदस्यीय गैर-राजनीतिक संगठन गठित करने, गोपनीय हेल्पलाइन शुरू करने और युवाओं के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।

शुक्रवार को बारीडीह स्थित विधायक कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ सामाजिक स्तर पर ठोस पहल करने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में तय किया गया कि समाज के जागरूक नागरिकों को एक मंच पर लाकर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि नशे और सट्टेबाजी से जुड़ी समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाया जा सके।

पूर्व आईएएस मनोज सिंह संभालेंगे अभियान की कमान

विचार क्रांति सम्मेलन की समीक्षा के दौरान प्रस्तावित संगठन की जिम्मेदारी पूर्व आईएएस (एलाइड) मनोज सिंह को सौंपने का निर्णय लिया गया। वह संगठन के संयोजक के रूप में अभियान को आगे बढ़ाएंगे। उनके नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम गठित की जाएगी।

प्रस्तावित संगठन में अधिवक्ताओं, काउंसलरों, पूर्व सैनिकों, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जागरूक नागरिकों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसी राजनीतिक गतिविधि के बजाय सामाजिक समस्याओं के खिलाफ जनसहयोग जुटाना और प्रशासन तक तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना होगा।

 ड्रग्स और सट्टेबाजी की सूचना देने के लिए बनेगी गोपनीय हेल्पलाइन

अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गोपनीय हेल्पलाइन शुरू करना है। इसके माध्यम से ड्रग्स और सट्टेबाजी से संबंधित सूचनाएं जुटाई जाएंगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि हेल्पलाइन पर सूचना देने वालों की पहचान और उनकी गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

प्राप्त सूचनाओं का संकलन और आवश्यक स्तर पर सत्यापन करने के बाद प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। संबंधित मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। हालांकि, हेल्पलाइन नंबर जारी करने की तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।

 स्कूल-कॉलेजों में युवाओं को किया जाएगा जागरूक

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ड्रग्स और सट्टेबाजी की समस्या से निपटने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

अभियान के तहत शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर नुक्कड़ नाटक, पंपलेट वितरण, जनसंवाद और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से युवाओं को नशे की लत, सट्टेबाजी के आर्थिक और सामाजिक दुष्परिणामों तथा इनके कारण परिवारों पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

 समाज और प्रशासन के बीच बनेगा समन्वय

बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी जैसी समस्याएं युवाओं के भविष्य और सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। इनके खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने के लिए आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

प्रस्तावित संगठन का प्रयास होगा कि क्षेत्र से मिलने वाली सूचनाओं को जिम्मेदारी के साथ संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाए और मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के लिए पहल की जाए। अभियान के तहत जनभागीदारी बढ़ाने और विचार क्रांति सम्मेलन के उद्देश्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

 बैठक में कई लोग रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में सुबोध श्रीवास्तव, अजय कुमार, नीरज सिंह, विवेक पाण्डेय, सतीश सिंह, अमित शर्मा, अमृता मिश्रा, रीना डे, पूजा महानंद, मंजू सिंह, जीतू सिंह, अरविंद चौधरी, राघवेंद्र सिंह, गोल्डन पाण्डेय, विकास रजक, प्रवीण सिंह, विकास साहनी, शेषनाथ पाठक, चुन्नू भूमिज और शमशाद खान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सरयू राय की परिकल्पना के अनुरूप शुरू की जा रही इस पहल के माध्यम से जमशेदपुर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ सामाजिक चेतना विकसित करने तथा प्रशासनिक कार्रवाई के लिए समन्वित प्रयास करने की तैयारी है। अब प्रस्तावित संगठन के गठन, हेल्पलाइन की शुरुआत और जागरूकता कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।

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