गम्हरिया, 30 सितंबर। श्रीनाथ यूनिवर्सिटी की एनएसएस इकाई की ओर से बुधवार को गम्हरिया के जगन्नाथपुर में “प्रोजेक्ट सहेली” के तहत स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराना, व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मासिक धर्म को लेकर समाज में मौजूद मिथकों व भ्रांतियों को दूर करना था।
कार्यक्रम के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर मासिक धर्म चक्र, महिलाओं और किशोरियों के सामने आने वाली चुनौतियों तथा सामाजिक संकोच जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से सामने रखा।
छात्रों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से संदेश दिया कि मासिक धर्म एक सामान्य और प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, जिस पर बिना झिझक स्वस्थ तरीके से बातचीत की जानी चाहिए।नुक्कड़ नाटक के बाद मासिक धर्म स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
इसमें मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, क्या करें और क्या न करें, सामान्य असुविधाओं के कारण तथा इससे जुड़े मिथकों और गलत धारणाओं पर चर्चा की गई।
प्रतिभागियों को स्वच्छता बनाए रखने और स्वस्थ आदतें अपनाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी भी दी गई।कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस समन्वयक शालिनी ओझा के निर्देशन और मार्गदर्शन में हुआ।
इसमें विश्वविद्यालय की शिक्षिकाओं रश्मि सिन्हा, नमामी भुइयां और सुदेशना पाल, शिक्षक हिंदोल चक्रवर्ती, रामशंकर गोस्वामी तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग के पीएचडी स्कॉलर राजेश कुमार गुप्ता की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के माध्यम से श्रीनाथ यूनिवर्सिटी एनएसएस समूह ने स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और ज्ञान के माध्यम से समुदाय के सशक्तीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
लोगों को मासिक धर्म से जुड़े विषयों पर सामाजिक झिझक और गलत जानकारी से मुक्त होकर खुलकर बातचीत करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
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सरायकेला
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